असम बोर्ड कक्षा 10वीं के रिजल्ट में धरमटोला गांव के ज्योतिर्मय दास ने पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल कर एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी लिखी है। उन्होंने 600 में से 591 अंक प्राप्त किए और अपनी मेहनत से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया।
ज्योतिर्मय एक बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं। उनके पिता सतीश एक नर्सिंग होम में ग्रेड-3 कर्मचारी हैं और सीमित आय के कारण कई बार परिवार को स्कूल की फीस भरने में भी कठिनाई होती थी। इसके बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी और अपने खर्चों में कटौती की।
ज्योतिर्मय बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं और कक्षा 4 से ही लगातार टॉप करते आ रहे थे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई नहीं छोड़ी और छोटे घर में रहकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी की। यह सफलता उनके अनुशासन, मेहनत और परिवार के त्याग का परिणाम है।
उनकी कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
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